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आ रहा है 300 करोड़ के फ्रेश इश्‍यू वाला ये IPO, जानें क्‍या करती है कंपनी

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बाजार में जल्‍द ही एक और आईपीओ दस्‍तक देने वाला है. इसके लिए ईपैक प्रीफैब टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने गुरुवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास आईपीओ के लिए प्रारंभिक दस्‍तावेज दाखिल किए हैं. यह आईपीओ 300 करोड़ के फ्रेश इश्‍यू और प्रमोटर समूह और शेयरधारकों से 1 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल का मिश्रण होगा. कंपनी इनके माध्यम से पैसा जुटाने की प्‍लानिंग कर रही है. ऐसे में निवेशकों के पास कमाई का मौका हो सकता है. ये शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई लिमिटेड पर लिस्‍ट होंगे. IPO प्‍लेसमेंट की भी तैयारी आईपीओ से पहले, कंपनी 60 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयर जारी करने पर विचार कर सकती है. अगर प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पूरा हो जाता है इससे जुटाई गई राशि को नए जारी होने वाले शेयरों से घटाया जाएगा. क्‍या है कंपनी की प्‍लानिंग? नए जारी शेयरों से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कंपनी राजस्थान के घिलोथ इंडस्ट्रियल एरिया में एक नई मैन्‍यूफैक्‍चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए किया जाएगा, जहां कंटिन्यूअस सैंडविच इंसुलेटेड पैनल और प्री-इंजीनियर्ड स्टील बिल्डिंग मैन्‍यूफैक्‍चर की जाएंगी. इसके अलावा, आंध्र...

BharatPe अब आईपीओ लाने की तैयारी में, कब तक होगी लॉन्चिंग,

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  BharatPe IPO:  फिनटेक फर्म- भारतपे का आईपीओ अगले 18 से 24 महीनों में लॉन्च हो सकता है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नलिन नेगी के बयान से इसके संकेत मिले हैं। भारतपे के सीईओ ने कहा- हम वित्तवर्ष 2025 में एबिटा को प्रॉफिटेबल बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर रहे हैं। हम इसके बारे में बहुत निश्चित हैं। नेगी ने एक बातचीत में बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि अगले वित्तीय वर्ष में हम नए उत्पादों को बढ़ाना, उन्हें लॉन्च करना, उन्हें स्थिर करना और उपभोक्ता पक्ष में कुछ आकर्षण हासिल करना चाहते हैं। बता दें कि दिल्ली की इस कंपनी ने 2018 में परिचालन शुरू किया था। हालांकि, साल 2024 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), डिजिटल गोल्ड-आधारित फंड मैनेजमेंट, बिल भुगतान आदि की शुरुआत करके कंज्यूमर प्रोडक्ट वाले व्यवसायों में विस्तार किया पीयर-टू-पीयर ऋण कारोबार बंद करने का प्लान नेगी ने कहा कि भारतपे ने इस साल मार्च के अंत तक अपने पीयर-टू-पीयर (पी2पी) ऋण कारोबार को पूरी तरह से बंद करने की योजना बनाई है। इसने अगस्त 2021 में 12 प्रतिशत क्लब ब्रांड नाम के तहत इस सेगमेंट में प्रवेश किया...

टाइम से पहले FD तोड़ना करा सकता है बड़ा नुकसान, पैसों की जरूरत पडे़ तो ये उपाय आजमाएं

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  एफडी समय से पहले तोड़ने पर बैंक जुर्माना लगाते हैं और ब्याज दर भी कम हो सकती है. मेडिकल या घर की मरम्मत जैसी आपात स्थिति में यह विकल्प हो सकता है, लेकिन पहले एफडी पर लोन या ब्याज भुगतान के विकल्पों पर विचार करें. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारतीय निवेशकों के बीच सुरक्षित और स्थिर निवेश का एक लोकप्रिय विकल्प है. यह न केवल बाजार की अस्थिरता से बचाव करता है, बल्कि सुनिश्चित रिटर्न भी प्रदान करता है. हालांकि, कई बार परिस्थितियां ऐसी हो सकती हैं, जब निवेशकों को अपनी एफडी को समय से पहले तोड़ने की आवश्यकता पड़ती है, समय से पहले एफडी तोड़ने का निर्णय लेने से पहले इसके फायदे और नुकसान समझना जरूरी है. साथ ही, कुछ वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा सकता है. अगर किसी आपात स्थिति में नकदी की जरूरत है, तो एफडी तोड़ना एक मददगार विकल्प हो सकता है. यह तुरंत वित्तीय राहत प्रदान करता है, जैसे मेडिकल इमरजेंसी या घर की मरम्मत के लिए. इसके अलावा, अगर आपके ऊपर कोई उच्च ब्याज दर का कर्ज है, तो एफडी का पैसा इस्तेमाल कर उसे चुकाना समझदारी हो सकती है. एफडी समय से पहले तोड़ने के नुकसान हालांकि, समय से पहले एफडी ...

JSW Cement IPO : दिग्गज कंपनी का IPO, ₹4000 करोड़ के इश्यू को सेबी की मंजूरी

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    जेएसडब्ल्यू सीमेंट को आखिरकार अपनी 4,000 करोड़ रुपये की आईपीओ योजना को आगे बढ़ाने के लिए सेबी से मंजूरी मिल गई है। दूसरी ओर, राही इंफ्राटेक ने पिछले हफ्ते अपने ड्राफ्ट पेपर वापस लेने की घोषणा की है। सोमवार को प्रकाशित ड्राफ्ट ऑफर नए दस्तावेजों के अनुसार, शेयर बाजार रेगुलेटरी ने 6 जनवरी को जेएसडब्ल्यू सीमेंट के ड्राफ्ट कागजात पर ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किया है। जेएसडब्ल्यू सीमेंट के ड्राफ्ट पेपर्स पर टिप्पणियों को जारी करने को सितंबर 2024 से स्थगित रखा था। नवंबर 2024 में, JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने CNBC-TV18 को बताया था कि JSW सीमेंट का लक्ष्य जनवरी 2025 में अपना 4,000 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च करना है। आईपीओ में 2,000 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी करना और निवेशकों द्वारा 2,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री की पेशकश शामिल होगी। निवेशक एपी एशिया ऑपर्च्युनिस्टिक होल्डिंग्स और सिनर्जी मेटल्स इन्वेस्टमेंट्स होल्डिंग प्रत्येक ऑफर-फॉर-सेल में 937.5 करोड़ रुपये के शेयर बेचेंगे, और 125 करोड़ रुपये के शेष शेयर भारतीय स्टेट बैंक द्वारा बेचे जाएंगे कंपनी की योजना जेएसडब्ल्यू समू...

मिलिए सुपर लेडी से 100 बार रिजेक्ट हुईं लेकिन नहीं मानी हार, खड़ी कर दी 2 लाख करोड़ की कंपनी

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कैनवा की को-फाउंडर मेलेनिया पर्किंस की कहानी बताती है कि सपने देखना और हार न मानना ही सफलता की असली कुंजी है. 100 से ज्यादा बार वेंचर कैपिटलिस्ट से रिजेक्ट होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और दुनिया को दिखा दिया कि मेहनत से कैसे एक आइडिया को हकीकत बनाया जा सकता है. मेलेनिया पर्किंस ऑस्ट्रेलिया के एक यूनिवर्सिटी में पार्ट टाइम टीचिंग कर रहीं थीं. इसी दौरान उन्होंने महसूस किया कि बच्चों को डेस्कटॉप डिजाइन सॉफ्टवेयर सिखाना न केवल जटिल है, बल्कि काफी महंगा भी है. यहीं से उन्हें एक सरल और किफायती डिजाइनिंग प्लेटफॉर्म कैनवा  बनाने का विचार आया. मेलानी ने अपने बॉयफ्रेंड (अब पति) क्लिफ ओब्रेच्ट के साथ मिलकर Fusion Books नाम का ईयरबुक पब्लिशिंग बिजनेस शुरू किया. यह उनकी पहली कोशिश थी. उन्होंने सिडनी के एक हेयर सैलून में इसका ऑफिस खोला. लेकिन उनकी असली उड़ान तब शुरू हुई जब उन्होंने Canva की नींव रखी. हालांकि, मेलानी को Canva को शुरू करने के लिए फंड जुटाना आसान नहीं था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेलानी ने 100 से ज्यादा वेंचर कैपिटलिस्ट से संपर्क किया, लेकिन सभी ने उनका ऑफर ठुकरा दिया....

Rowdy Momos Success story:मोमो भारत का नया पसंदीदा भोजन बनने

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राउडी मोमोज कैफे की कहानी:  मोमो भारत का नया पसंदीदा भोजन बनने की राह पर है। ऐसा माना जाता है कि भारत में सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड माने जाने वाले मोमो का बाजार करीब 2.7 बिलियन डॉलर का है। मोमो के दीवानों ने ज़ोमैटो से 1 करोड़ से ज़्यादा मोमो मंगवाए हैं। वरुण कपूर ने  एचयूएल में एक आशाजनक करियर से लेकर राउडी मोमोज कैफे की स्थापना तक की जो कहानी तय की है, वह  किसी की आकांक्षाओं को प्राप्त करने और अपने जुनून का अनुसरण करने के महत्व का एक उत्थानकारी उदाहरण है।  2016 में सिक्किम की उनकी यात्रा ने उनके जीवन को गहराई से प्रभावित किया और यही यात्रा मुख्य रूप से मोमोज के प्रति उनके नए जुनून का कारण बनी।  मोमोज की विभिन्न किस्मों और स्वादों के प्रति अपने प्यार के बीच, कपूर ने एक ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया: उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में अपनी नौकरी छोड़ दी। आइए राउडी मोमोज कैफे के सफर पर एक नजर डालते हैं। राउडी मोमोज कैफे की उत्पत्ति राउडी मोमोज कैफे ने  2020 में अपने दरवाजे खोलने के समय से लेकर 2022 तक   मोमो निर्यात उद्योग के साथ प्...

IPO लॉन्च करने की तैयारी में है शार्क टैंक के इस जज की कंपनी,

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  चश्मा बनाने वाली आईवियर स्टार्टअप लेंसकार्ट (Lenskart) अब शेयर मार्केट में एंट्री करने की तैयारी में है. इसके लिए बैंकरों से बातचीत चल रही है. कंपनी का मकसद IPO के जरिए 75 करोड़ डॉलर से 1 अरब डॉलर तक जुटाने का है. इंडस्ट्री के सूत्रों की दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी 7-8 अरब डॉलर के वैल्यूएशन की उम्मीद कर रही है और फाइनेंशियल ईयर 2026 के आखिर तक इसकी लिस्टिंग होने की संभावना है. कंपनी के इस फैसले से परिचित एक व्यक्ति ने कहा, आईपीओ को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा. पिछले साल एक अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी ने लेंसकार्ट का वैल्यूएशन बढ़ाकर 5.6 बिलियन कर दिया था.  कंपनी के वैल्यूएशन के आधार पर यह 30 सितंबर तक लेंसकार्ट की उम्मीद की जा रही वैल्यूशन में 12 परसेंट की बढ़त को दर्शाता है.  2024 में कंपनी को हुआ 10 करोड़ का घाटा Entrackr की रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2023 में लेंसकार्ट का रेवेन्यू 3,788 करोड़ से 2024 में 43 परसेंट बढ़कर 5,427.7 करोड़ हो गया. लेंसकार्ट चश्मे का फ्रेम, लेंस, गॉगल्स और आई चेकअप जैसी सर्विस के जरिए अपना मुनाफा कमाती है. Entrackr के मुताबिक, कॉस्ट इ...

SEBI ने दी Dr. Agarwal’s और Regreen Excel IPO को हरी झंडी, मिलेगा कमाई का मौका

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  शेयर बाजार में जल्द ही नए IPO की धूम मचने वाली है. SEBI ने बुधवार को दो कंपनियों के IPO को हरी झंडी दी है, जबकि एक आईपीओ को फाइनल ऑबजर्वेशन जारी किया गया है. पहले बात करते हैं डॉ. अग्रवाल की जो टेमासेक होल्डिंग्स और TPG के साथ मिलकर काम करती है, इस कंपनी का IPO ₹300 करोड़ का होगा. बाजार नियामक SEBI ने इसे मंजूरी दे दी है. बता दें कंपनी ने आईपीओ के‍ लिए अपने दस्तावेज़ 27 सितंबर 2024 को जमा किए थे. Dr. Agarwal’s IPO से जुड़ी जरूरी बातें डॉ. अग्रवाल आईपीओ में फ्रेश इश्‍यू समेत प्रमोटर्स की तरफ से 69.57 मिलियन शेयरों का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल होगा. इस कंपनी में डॉ. अमर अगरवाल, डॉ. अथिया अगरवाल जैसे कुछ बड़े निवेशक शामिल हैं. इस आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली इंडिया, जेफरीज इंडिया और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक रनिंग लीड मैनेजर होंगे, वहीं KFin टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार की भूमिका में होंगे. डॉ. अग्रवाल हेल्थ सर्विसेस देती है. ये खास तौर पर मोतियाबिंद और दूसरी सर्जरी, कंसल्‍टेंट, निदान, गैर-सर्जिकल उपचार और ऑप्टिकल उत्पादों, कॉन्टैक्ट लेंस, सहायक उपकरण ...

Wealth migration: क्यों अमीर लोग अपने रहने का ठिकाना बदलने की तैयारी में हैं., ये है उनकी सबसे पसंदीदा जगह

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  2025 में करीब 1.42 लाख हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) यानी ऐसे लोग जिनकी लिक्विड इनवेस्टेबल वेल्थ 1 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा है, अपने रहने का ठिकाना बदलेंगे. Henley & Partners की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ा वेल्थ माइग्रेशन होगा. 2024 में 1.34 लाख मिलियनियर्स ने नए देशों को अपना ठिकाना बनाया था. इनमें सबसे ज्यादा लोग UAE, USA और इटली जैसे देशों में गए, जबकि UK से उम्मीद से ज्यादा अमीर लोग बाहर चले गए. रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल इनस्टैबलिटी, जियोपॉलिटिकल और फाइनेंशियल अनिश्चितताओं ने मिलियनियर्स को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर किया है. इसके अलावा, डिजिटल कनेक्टिविटी और इनवेस्टमेंट माइग्रेशन प्रोग्राम्स ने इस ट्रेंड को और बढ़ावा दिया है. कहां जा रहे दुनिया के बड़े धनकुबेर? “Safe Haven 8” के नाम से मशहूर देशों जैसे Malta, Monaco, Singapore, Switzerland, और UAE ने हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स को अपनी ओर आकर्षित किया है. इन देशों की हाई-क्वालिटी लाइफस्टाइल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स इंसेंटिव इन्हें अमीरों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं. 2025 में वेल्थ माइग...

NRAI ने उठाए सवाल 10 मिनट में फूड डिलीवरी पर क्रैश हुए जोमैटो-स्विगी के शेयर

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  Swiggy and Zomato Share:  बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली कंपनियों के शेयर में बड़ी गिरावट देखी गई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन ट्रेडिंग के दौरान फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी और जोमैटो के शेयरों में 3.6 फीसदी तक की गिरावट आई। स्विगी के शेयर 490 रुपये के नीचे आ गए तो जोमैटो के शेयर की कीमत 240 रुपये से कम हो गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने जोमैटो और स्विगी के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से संपर्क किया है। मामला दरअसल, जोमैटो और स्विगी द्वारा प्राइवेट लेबलिंग और अलग-अलग ऐप के जरिये क्विक कॉमर्स फूड डिलिवरी में उनके हालिया कदम का विरोध करते हुए NRAI ने सीसीआई से संपर्क किया है। NRAI के मुताबिक, दो फूड डिलिवरी दिग्गजों का ब्लिंकिट बिस्ट्रो और स्विगी स्नैक जैसे अपने स्वयं के क्विक कॉमर्स मंच के जरिये प्राइवेट लेबल वाला खाना पहुंचाना बाजार की निरपेक्षता का बुनियादी तौर पर उल्लंघन करता है, जिससे प्रतिस्पर्धा का असमान स्तर तैयार होता है NRAI के अध्यक्ष सागर दरयानी ने कहा- हम इस बात से बि...