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Success Story of Pratilipi – भारत का Storytelling प्लेटफॉर्म

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   एक प्रेरणादायक स्टार्टअप सफलता कहानी —  founder journey और funding details- Pratilipi – भारत का Storytelling प्लेटफॉर्म एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिससे लेखन और पढ़ना आसान और सस्ता हुआ, और जिससे आज दसियों लाख लेखक-पाठक जुड़े हैं। कंपनी का नाम: Pratilipi  Headquarters: Bengaluru, Karnataka, India  स्थापना वर्ष: 2014   Founders : Ranjeet Pratap Singh Prashant Gupta Rahul Ranjan Sahradayi Modi Sankaranarayanan Devarajan    Founder की Journey Pratilipi की शुरुआत उन पाँच दोस्तों ने की जिनका लक्ष्य था भारतीय भाषाओं में कहानियाँ और कंटेंट लोगों तक पहुँचना। शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर खुद-के पैसे से चलाया गया—कोई बड़ी फंडिंग नहीं थी। धीरे-धीरे Platfrom का उपयोग बढ़ा और लोगों ने इसमें कंटेंट लिखना और पढ़ना शुरू किया। कंपनी ने खुद-का Content Ecosystem बनाया जहाँ लेखक अपनी रचनाएँ प्रकाशित कर सकते हैं।  Funding / फंडिंग इतिहास Pratilipi ने शुरुआती दौर से अब तक कई funding राउंड्स में पैसा जुटाया: चरण Amount / राशि मुख्य निवेशक Seed fund ₹30 लाख (2015) TLabs (Ti...

NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) का IPO “बहुत जल्द” आने वाला है

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SEBI (सेबी) ने NSE के IPO के लिए No Objection Certificate (NOC) जारी करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। आज के ताज़ा अपडेट के अनुसार, NOC जनवरी 2026 के अंत तक मिल सकता है।  SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने संकेत दिया है कि अब IPO लॉन्च की राह अपेक्षाकृत साफ़ हो गई है और आने वाले हफ्तों में बड़ा कदम आगे बढ़ सकता है। � जैसे ही SEBI से NOC मिल जाएगा, NSE को अपना DRHP (ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस) दाख़िल करना होगा और फिर IPO को फ़ाइनल लॉन्चिंग टर्म्स तय होंगे (जैसे शेयर प्राइस बैंड, तारीखें आदि)।   2. IPO मार्केट में बड़े नाम आने वाले हैं 2026 में Reliance Jio, PhonePe, OYO जैसी बड़ी कंपनियों के भी IPO आने की उम्मीद है — यानी यह IPO सीज़न बेहद बड़ा होने वाला है। �  3. NSE का पिछले IPO रिकॉर्ड 2024 में NSE पर रिकॉर्ड 268 IPOs लिस्ट हुए जिससे लगभग ₹1.67 लाख करोड़ पूँजी जुटाई गई — यह एशिया में सबसे ज़्यादा थी।  IPO प्रोसेस जल्दी समझें * SEBI से NOC मिलना → * DRHP दाख़िल करना → * SEBI समीक्षा → * फाइनल IPO लॉन्च + तारीख/प्राइस बैंड → * सब्सक्रिप्शन (निव...

IPAC क्या है, कैसे पैसा कमाती है, और प्रशांत किशोर की नेटवर्थ क्या है,

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  🔹 क्या है IPAC? IPAC का पूरा नाम Indian Political Action Committee है — यह भारत की एक प्रमुख राजनीतिक सलाहकार (Political Consulting) संस्था है। यह मुख्य रूप से चुनाव रणनीति, प्रचार, डेटा विश्लेषण और राजनीतिक पार्टियों के लिए अभियान योजना जैसी सेवाएं देती है।  2014 में इसे शुरू किया गया था और प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) इसे स्थापित करने वाले प्रमुख चेहरा रहे हैं।  बाद में किशोर ने खुद कंपनी से ऑफिशियल तौर पर अलग होने का दावा किया और अब यह दूसरे डायरेक्टर्स के नेतृत्व में चल रही है (जैसे प्रतीक जैन आदि)।  IPAC कैसे पैसा कमाती है? IPAC एक प्राइवेट राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, और इसके पैसे कमाने के मुख्य स्रोत हैं: * चुनावी रणनीति और सलाह (Political Campaign Consultancy) * पार्टियों को चुनाव प्रचार के लिए रणनीति, संदेश, बूथ-स्तर डेटा, वोटर सर्वे, और मीडिया मैनेजमेंट सेवाएं देना। इसके लिए पार्टियाँ IPAC को बड़े फिस (Fees) देती हैं — यह फीस चुनाव और क्लाइंट के आकार पर निर्भर करती है।  डेटा और एनालिटिक्स सेवाएं वोटर डेटा, सोशल मीडिया ट्रेंड, और डिजिटल रणनीति क...

श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) के तलाक (डिवोर्स) से जुड़ी ताज़ा और प्रमुख खबर

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  यह श्रीधर वेम्बू (Sridhar Vembu) के तलाक (डिवोर्स) से जुड़ी ताज़ा और प्रमुख खबर- 1. तलाक मामला: अमेरिका की अदालत का बड़ा आदेश अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया कोर्ट ने जोहो (Zoho) के को-फाउंडर और CEO श्रीधर वेम्बू को **चल रहे तलाक केस में करीब **$1.7 अरब (लगभग ₹14,000–15,000 करोड़) का बॉन्ड जमा करने को कहा है। 👉 यह आदेश वैवाहिक संपत्ति के बंटवारे और संभावित ट्रांसफर को रोकने के लिए दिया गया है। 👉 अदालत का कहना है कि इससे श्रीधर वेम्बू की पूर्व पत्नी के हक़ सुरक्षित रहेंगे। �  2. भारत का सबसे महंगा तलाक ? मामला इतना बड़ा हो गया है कि मीडिया इसे भारत का सबसे महंगा तलाक कह रहा है। 📌 श्रीधर और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन की शादी लगभग 30 साल से अधिक चली। 📌 तलाक की प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी। 📌 अदालत ने संपत्ति संबंधी चिंताओं की वजह से यह भारी बॉन्ड देने का आदेश दिया। � 3. विवाद की मुख्य वजह 📍 श्रीधर वेम्बू पर यह आरोप है कि उन्होंने Zoho की कुछ संपत्तियों और शेयरों को बिना पत्नी की जानकारी या सहमति के ट्रांसफर किया जिससे पत्नी के अधिकारों को नुकसान हो सकता है। 📍 श्रीधर ने इन ...

दो सरकारी बैंकों के महाविलय की तैयारी तेज, बनेगा SBI के बाद दूसरा सबसे बड़ा बैंक मर्जर

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   यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) और बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) के विलय (Merger) के बारे में ताज़ा और विस्तृत जानकारी — जिसमें दोनों बैंकों का नाम शामिल है: PSU Bank Merger : दो सरकारी बैंकों के विलय की तैयारी में सरकार, देश में रहेंगे सिर्फ चार बैंक दो सरकारी बैंकों के महाविलय की तैयारी तेज, बनेगा SBI के बाद दूसरा सबसे बड़ा बैंक, मर्जर के बाद आपके पैसे, च...  1. क्या है यह मर्जर (Merger) योजना? केंद्रीय सरकार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के विलय की तैयारी कर रही है। विलय के बाद यह एक बड़ा बैंक बनेगा जो भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाद दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक के रूप में उभरेगा।   2. विलय के पीछे का उद्देश्य सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं: ✅ बैंकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना ✅ बैंकिंग प्रणाली को मज़बूत और अधिक स्थिर बनाना ✅ बड़े बैंकों की क्षमताओं को लोन देने और नेटवर्क सेवा में बढ़ाना ✅ बैंकिंग क्षेत्र में किफ़ायती संचालन और टीकाकरण लागत घटाना �  3. विलय के बाद क्या होगा? 📌 दुनिया का ...

Campa Sure ने अमिताभ बच्चन को बनाया ब्रांड एंबेसडर

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  Campa Sure Water — इसकी शुरुआत, मार्केट में क्यों आया, क्या खासियत है, और इसका ब्रांड एंबेसडर कौन है — Campa Sure Water —  Campa Sure एक बॉटल्ड (पैकेज्ड) ड्रिंकिंग वाटर ब्रांड है, जिसे Reliance Consumer Products Limited (RCPL) ने भारत में लॉन्च किया है। यह Campa ब्रांड के बेवरेज पोर्टफोलियो का हिस्सा है, जो सॉफ्ट ड्रिंक से लेकर पैक्ड पानी तक फैला है।  Reliance ने Campa Cola को 2022 में खरीदा और 2023 में ब्रांड को वापस भारत में पुनः लॉन्च किया। इसके बाद कंपनी ने Campa के नाम के तहत सॉफ्ट ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, जूस और अब Campa Sure पानी भी मार्केट में उतारा।  Campa Sure क्यों लॉन्च किया गया? भारत में पेयजल (पानी) की मांग हर रोज़ बढ़ रही है। साथ ही, ब्रांडेड बोतल बंद पानी का मार्केट बहुत बड़ा है और इसमें कंपनियाँ जैसे Bisleri, Kinley, Aquafina पहले से मौजूद हैं। Campa Sure को इसी प्रतिस्पर्धी मार्केट में सस्ते, भरोसेमंद और गुणवत्ता वाले पानी के रूप में पेश किया गया है।    मुख्य उद्देश्य: ✔️ साफ, सुरक्षित पानी ✔️ आम आदमी के बजट के हिसाब से कीमत ✔ भारत के ...

आर्मर सिक्योरिटी का आईपीओ 14 जनवरी से खुल रहा एक और IPO, प्राइस बैंड ₹57

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आर्मर सिक्योरिटी इंडिया लिमिटेड अपना आईपीओ लेकर  बाजार में आ रही है। यह एक एसएमई बुक बिल्डिंग आईपीओ है, जिसका कुल साइज करीब 26.51 करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ के तहत कंपनी 0.47 करोड़ यानी करीब 46.5 लाख नए शेयर जारी करेगी। यह पूरा इश्यू फ्रेश इश्यू है, यानी इससे जुटाया गया पैसा सीधे कंपनी को मिलेगा। आर्मर सिक्योरिटी का आईपीओ 14 जनवरी 2026 को खुलेगा और 19 जनवरी 2026 को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 20 जनवरी को होने की संभावना है, जबकि एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग 22 जनवरी 2026 को हो सकती है। कंपनी के शेयर ग्रे मार्केट में 1 रुपये प्रीमियम पर उपलब्ध हैं।

एक और बड़ा IPO, ग्रे मार्केट में अभी से ₹43 प्रीमियम पर पहुंचा शेयर

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  बेंगलुरु की SaaS कंपनी अमागी मीडिया लैब्स अपना IPO लेकर आ रही है। प्रीमजी इन्वेस्ट, एक्सेल और नॉरवेस्ट वेंचर जैसे बड़े निवेशकों से समर्थित यह कंपनी 13 जनवरी 2026, मंगलवार को शेयर बाजार में कदम रखने जा रही है। अमागी मीडिया का IPO 16 जनवरी 2026 को बंद होगा। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली 12 जनवरी को लगेगी। शेयरों का अलॉटमेंट 19 जनवरी को होने की संभावना है और कंपनी के शेयर 21 जनवरी को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं। IPO का प्राइस बैंड 343 से 361 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 816 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत करीब 972.62 करोड़ रुपये के शेयर बेचेंगे। ऊपरी प्राइस बैंड पर इस IPO का कुल साइज लगभग 1,788.62 करोड़ रुपये का होगा। एक लॉट में 41 शेयर होंगे, यानी रिटेल निवेशक को कम से कम 14,801 रुपये लगाने होंगे। इश्यू का रजिस्ट्रार MUFG Intime  India  है, जबकि कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, IIFL और अवेंदस कैपिटल इसके लीड मैनेजर्स हैं। कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों का बड़ा हिस्सा टेक्नोलॉजी और क...

निवेशकों में हड़कंप, जापान की कंपनी ने Ola में बेचे 9 करोड़ से ज्यादा शेयर

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  जापान की मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट कंपनी सॉफ्टबैंक ने अपनी निवेश कंपनी SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC के जरिये ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में 2.15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। ओला ने बीएसई को दी सूचना में बताया कि SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC ने तीन सितंबर 2025 और पांच जनवरी 2026 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,628,299 शेयर बेचे हैं। पांच जनवरी 2026 को हुई बिक्री सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) के नियमों के तहत निर्धारित दो प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करती है। इस ट्रांजैक्शन के बाद ओला इलेक्ट्रिक में SVF II ऑस्ट्रिच(डीई) LLC की हिस्सेदारी पहले के 15.68 प्रतिशत से घटकर 13.53 प्रतिशत हो गई है। SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC ने पिछले साल भी 15 जुलाई 2025 और दो सितंबर 2025 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,943,459 शेयर बेचे थे। इससे कंपनी में उसकी हिस्सेदारी 17.83 प्रतिशत से घटकर 15.68 प्रतिशत रह गई थी।

Success Story of SIS Security and His Founder आर.के. सिन्हा

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  यह कहानी है आर.के. सिन्हा (Ravindra Kishore Sinha) की—एक ऐसे व्यक्ति की, जिन्होंने विचार, अनुशासन और ज़मीन से जुड़े रहने की ताकत से भारत की सबसे बड़ी सुरक्षा कंपनियों में से एक खड़ी कर दी। आर.के. सिन्हा की पूरी कहानी साधारण शुरुआत, असाधारण सोच आर.के. सिन्हा का जन्म बिहार में हुआ। शुरुआती जीवन साधारण था, लेकिन सोच असाधारण। पढ़ाई के बाद उन्होंने पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों से जुड़कर देश और समाज को बहुत करीब से देखा। इसी दौरान उनका संपर्क लोकनायक जयप्रकाश नारायण (JP) से हुआ, जिन्होंने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। जेपी ने सिन्हा से एक बहुत गहरी बात कही— “ देश के लिए जान देने वाले रिटायर्ड फौजियों की ज़िंदगी रिटायरमेंट के बाद भी सम्मानजनक होनी चाहिए।” यहीं से एक विचार ने जन्म लिया। विचार से संस्थान तक: SIS की नींव उस दौर में रिटायर्ड सैनिकों के लिए रोजगार के अवसर बेहद सीमित थे। सिन्हा ने देखा कि अनुशासन ईमानदारी ट्रेनिंग राष्ट्रभक्ति ये सभी गुण रिटायर्ड सैनिकों में पहले से मौजूद हैं, बस उन्हें सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा। इसी सोच के साथ उन्होंने Security and Intelligence Services...