सीए ड्रॉपआउट ने पति के साथ खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्‍य, ये है बिजनेस

 


दीप्ति अवस्‍थी शर्मा की कहानी संघर्ष से सफलता तक का सफर है। उनकी जिंदगी में कई मुश्किलें आईं। वह सीए परीक्षा पास नहीं कर पाईं। नौकरी के लिए दर-दर भटकीं, लेकिन कोई काम नहीं मिला। पहला बिजनेस पूरी तरह से डूब गया। इससे वह कर्ज में डूब गईं। इन सबके साथ उन्हें अच्छी गृहिणी बनने का सामाजिक दबाव भी झेलना पड़ा। मुश्किल दौर में उनके दोस्त भी उनसे दूर हो गए। लोग उन्हें 'सपनों में खोई हुई' कहने लगे। उन्हें अकेलापन घेरने लगा। लेकिन, दीप्ति ने जबरदस्‍त वापसी की। हर ठोकर उनके लिए एक नई सीढ़ी बनी। अपनी लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से उन्होंने अपनी जिंदगी और अपने सपनों को फिर से बनाया। आज वह 50 करोड़ के टर्नओवर वाले ब्रांड की मालकिन हैं। इसकी नींव उन्‍होंने पति के साथ रखी थी। आइए, यहां उनकी सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।

मिली असफलता, पर नहीं मानी हार

दीप्ति नौकरी, CA परीक्षा और प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश पाने में असफल रहीं। उनका स्टार्टअप बंद हो गया। वह कर्ज में डूब गईं। गृहिणी होने की अपेक्षाओं के बीच उन्‍होंने अपने सपनों को संतुलित करने के लिए संघर्ष किया। दोस्तों को खोया और अकेली पड़ गईं। लेकिन, हार नहीं मानी। हर असफलता से सीखा। दीप्ति ने पति विकास शर्मा के साथ मिलकर गोहोर्डिंग्स की शुरुआत की। यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जहां OOH (आउट-ऑफ-होम एडवरटाइजिंग) विज्ञापन बुक किए जा सकते हैं। पहले उनका स्टार्टअप ज्‍यादा नहीं चला। उन्होंने OOH इंडस्‍ट्री में अव्यवस्था पर फोकस किया। गोहोर्डिंग्स के जरिये मीडिया मालिकों और ग्राहकों को जोड़ा। कंपनी ने 15 महीनों में 11 करोड़ का कारोबार किया।

पति के साथ रखी कंपनी की नींव

दीप्ति शर्मा ईवाई में काम करते हुए सीए कर रही थीं। उन्‍होंने अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी। उनका पहला स्टार्टअप असफल रहा। 2015 में विकास शर्मा से उनकी शादी हो गई। शादी के बाद विकास ने भी अपना काम छोड़ दिया और दोनों ने मिलकर अप्रैल 2016 में गोहोर्डिंग्स की शुरुआत की। उन्होंने OOH एडवरटाइजिंग इंडस्‍ट्री में मौजूद खामियों को देखा। एक व्यवस्थित प्लेटफॉर्म बनाने का फैसला किया। शुरुआती संघर्षों के बाद गोहोर्डिंग्स ने रफ्तार पकड़ी। अब इसका सालाना टर्नओवर 50 करोड़ रुपये का है।

आईं कई तरह की चुनौतियां

गोहोर्डिंग्स का सफर आसान नहीं था। शुरुआत में दीप्ति और विकास को कई दलालों से जूझना पड़ा। वे खुद को विज्ञापन साइटों का मालिक बताते थे। कीमतों में मनमानी करते थे। इस वजह से ग्राहकों को काफी परेशानी होती थी। गोहोर्डिंग्स की टीम ने भारत के महानगरों में OOH सेगमेंट का अध्ययन किया। लगभग 500 से अधिक मीडिया मालिकों को अपने पोर्टल पर रजिस्‍टर किया। उन्होंने ग्राहकों को बिना किसी हेरफेर के सर्वोत्तम मूल्य प्रदान करने का वादा किया। गोहोर्डिंग्स के जरिये ग्राहक ऑनलाइन OOH विज्ञापन कैंपेन बुक कर सकते हैं, खरीद सकते हैं और योजना बना सकते हैं।

क्वीन ऑफ बिलबोर्ड्स'

दीप्ति को 'क्वीन ऑफ बिलबोर्ड्स' के नाम से भी जाना जाता है। उनके पास पूरे भारत में बिक्री और ग्राहक सेवा का व्यापक अनुभव है। गोहोर्डिंग में वह सेल्‍स और कस्‍टमर सैटिस्‍फैक्‍शन की जिम्मेदारी संभालती हैं। पति विकास कंपनी के तकनीकी पहलुओं को देखते हैं। दीप्ति शर्मा को बीते साल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय युवा कांग्रेस महिला उद्यमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार विज्ञापन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला था। वुमन इकनॉमिक फोरम से भी दीप्ति को सम्मानित किया जा चुका है। यह अंतरराष्ट्रीय महिला संगठन है जो दुनिया भर में महिलाओं को सशक्त बनाने का काम करता है।

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