एक छोटे बिज़नेस से बड़ी कंपनी तक, परिवार के गहने बेच लगाए थे 4000 रुपये, आज 75 देशों में 1700 करोड़ का बिजनेस
शुरुआत – एक छोटे बिज़नेस से बड़ी कंपनी तक Cycle Pure Agarbatti की शुरुआत साल 1948 में हुई थी, जब भारत आज़ाद हुआ ही था। इसके संस्थापक थे N. Ranga Rao। उन्होंने Mysuru (कर्नाटक) में एक छोटे से घर से अपना काम शुरू किया। शुरुआत में वे घर-घर जाकर अगरबत्ती बेचते थे। उस समय अगरबत्ती का कोई बड़ा ब्रांड नहीं था—सब लोकल स्तर पर बनती थी। “ Cycle” नाम क्यों रखा गया इस ब्रांड का नाम “Cycle” रखना एक बहुत सोच-समझकर लिया गया फैसला था। “Cycle” शब्द हर भाषा में लगभग एक जैसा ही बोला जाता है यह सादगी, निरंतरता और जीवन चक्र (Life Cycle) का प्रतीक है हर वर्ग (गरीब-अमीर) से जुड़ा हुआ नाम इसी वजह से यह नाम पूरे भारत में आसानी से पहचान बना सका। सफलता का असली कारण – खुशबू (Fragrance) N. Ranga Rao ने जल्दी समझ लिया कि अगरबत्ती का असली गेम खुशबू (fragrance) है। उन्होंने खुद का fragrance lab शुरू किया प्राकृतिक सामग्री जैसे चंदन, जड़ी-बूटी और तेल इस्तेमाल किए यूनिक खुशबू के कारण लोग उनके उत्पाद को पहचानने लगे यही उनकी सबसे बड़ी USP बनी। छोटे बिज़नेस से भारत का नंबर 1 ब्रांड धी...