Wealth migration: क्यों अमीर लोग अपने रहने का ठिकाना बदलने की तैयारी में हैं., ये है उनकी सबसे पसंदीदा जगह

 


2025 में करीब 1.42 लाख हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWIs) यानी ऐसे लोग जिनकी लिक्विड इनवेस्टेबल वेल्थ 1 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा है, अपने रहने का ठिकाना बदलेंगे. Henley & Partners की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ा वेल्थ माइग्रेशन होगा. 2024 में 1.34 लाख मिलियनियर्स ने नए देशों को अपना ठिकाना बनाया था. इनमें सबसे ज्यादा लोग UAE, USA और इटली जैसे देशों में गए, जबकि UK से उम्मीद से ज्यादा अमीर लोग बाहर चले गए.

रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल इनस्टैबलिटी, जियोपॉलिटिकल और फाइनेंशियल अनिश्चितताओं ने मिलियनियर्स को नए विकल्प तलाशने के लिए मजबूर किया है. इसके अलावा, डिजिटल कनेक्टिविटी और इनवेस्टमेंट माइग्रेशन प्रोग्राम्स ने इस ट्रेंड को और बढ़ावा दिया है.

कहां जा रहे दुनिया के बड़े धनकुबेर?
“Safe Haven 8” के नाम से मशहूर देशों जैसे Malta, Monaco, Singapore, Switzerland, और UAE ने हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स को अपनी ओर आकर्षित किया है. इन देशों की हाई-क्वालिटी लाइफस्टाइल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स इंसेंटिव इन्हें अमीरों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं. 2025 में वेल्थ माइग्रेशन के आंकड़े 2013 के 51,000 से बढ़कर 142,000 तक पहुंचने का अनुमान है, जो 178% की बढ़ोतरी है. कोविड के बाद, वेल्थ माइग्रेशन तेजी से बढ़ा है. 2019 में 1.1 लाख मिलियनियर्स ने माइग्रेशन किया था, जो 2020 में महामारी के कारण गिरकर काफी कम हो गया था.

इनवेस्टमेंट माइग्रेशन का बदलता स्वरूप
रिपोर्ट के अनुसार, इनवेस्टमेंट माइग्रेशन सेक्टर अब एक परिपक्व वेल्थ प्लानिंग टूल बन चुका है. एक समय में यह सिर्फ अत्यधिक अमीर लोगों के लिए ही था, लेकिन अब इसे सरकारों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से भी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का अहम जरिया माना जा रहा है. Henley & Partners के CEO Dr. Juerg Steffen के अनुसार, रेजिडेंस और सिटिजनशिप प्रोग्राम्स अब सिर्फ रियल एस्टेट तक सीमित नहीं हैं. इनका फोकस सस्टेनेबल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन पर है.

UAE, सिंगापुर जैसे देश बने आकर्षण का केंद्र
UAE का गोल्डन वीजा प्रोग्राम, क्रिप्टो-फ्रेंडली पॉलिसीज और वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर इसे वेल्थ माइग्रेशन का हॉटस्पॉट बनाते हैं. सिंगापुर भी अपने Sophisticated Financial Framework और पॉलिटिकल स्टेबिलिटी की वजह से अमीरों को आकर्षित कर रहा है. UK, जो एक समय वेल्थ माइग्रेशन के लिए फेवरेट था, अब आकर्षण खोता जा रहा है. 2022 में 1,600 मिलियनfयर्स ने UK छोड़ा था. 2023 में इनकी संख्या 3,200 हो गई और 2024 में यह आंकड़ा लगभग 9,500 तक पहुंचता दिखाई दे रहा है.

2025 वेल्थ माइग्रेशन के लिहाज से ऐतिहासिक साल हो सकता है
इस रिपोर्ट से पता चलता है कि अमीर लोग अब अपने रेजिडेंस और सिटिजनशिप पोर्टफोलियो को अपनी फाइनेंशियल सिक्योरिटी का अहम हिस्सा मानते हैं. साथ ही इसे ग्लोबल नेटवर्क में अपनी पहुंच और प्रभाव बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका भी मानते हैं. ऐसे में 2025 वेल्थ माइग्रेशन के लिहाज से ऐतिहासिक साल हो सकता है, जो वैश्विक स्तर पर अमीरों की सोच और रणनीति में बड़े बदलाव को दर्शाता है.

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