Success Story: अब्दुल कलाम का मिला साथ तो कंपनी ने भरी अंतरिक्ष की उड़ान, पानी से इंजन चलाने की तैयारी, करोड़ों का टर्नओवर
Bellatrix Aerospace की कहानी — किसने शुरू किया, किसने मदद/फंडिंग दी और आज वे कहाँ खड़े हैं। मैंने प्रमुख सचाइयों के लिए भरोसेमंद स्रोत शामिल किए हैं
संक्षेप — कौन और कब
Founder: Rohan M. Ganapathy और Yashas Karanam ने कंपनी की स्थापना की। कंपनी की शुरुआत 2015 में हुई।
शुरुआत कैसे हुई
Bellatrix की यात्रा छोटे पैमाने से शुरू हुई — शुरुआती सालों में टीम ने सीमित संसाधनों में शोध और प्रोटोटाइप पर काम किया (Coimbatore/छोटे शेड से शुरूआत की रिपोर्टें मौजूद हैं)। उन्होंने इलेक्ट्रिक/ग्रीन सैटेलाइट प्रोपल्शन पर फोकस लिया — यानी कम जहरीले या “ग्रीन” प्रोपलेंट्स और छोटे-उपग्रहों के लिए थ्रस्ट सिस्टम।
फाउंडर्स ने विश्वविद्यालय-आधारित रिसोर्सेज और इंडस्ट्री इन्क्यूबेशन का सहारा लिया (IISc/अन्य स्पेस-इकोसिस्टम नेटवर्क से मदद मिलने की जानकारी उपलब्ध है) और धीरे-धीरे R&D व टेस्टिंग कैपेबिलिटी बढ़ाई।
किसने मदद/फंडिंग दी
Bellatrix ने एंजल और वेंचर फंडिंग उठाई; 2022 में Series A (~$8M) जैसी प्रमुख फंडिंग राउंड की रिपोर्ट आई — निवेशकों में इंडस्ट्री वेंचर फंड और स्पेस-फोकस्ड निवेशक शामिल रहे। (निवेश और इनक्यूबेशन ने R&D व फैक्ट्री विस्तार में मदद की)।
तकनीक और उत्पाद
कंपनी ने ग्रीन प्रोपल्शन (जल-आधारित/कम टॉक्सिक प्रणालियाँ) और इलेक्टिक/हॉल-इफेक्ट/माइक्रोवेव-थ्रस्टर जैसी तकनीकों पर काम किया — यह इन्हें सैटेलाइट-मोबिलिटी व लॉन्गर-लाइफ मिशन्स में अलग जगह देता है।
current status / recent highlights
प्रोडक्ट/प्रोजेक्ट: Bellatrix ने “Orbital Transfer Vehicle (OTV)”/space-taxi जैसे कॉन्सेप्ट पर काम किया है (Pushpak OTV की घोषणाएँ और डेमो/प्रोजेक्ट अपडेट उपलब्ध हैं)।
सरकारी/कमर्शियल सहयोग: कंपनी ने सरकारी/कॉमर्शियल साझेदारियों की ओर कदम बढ़ाए — उदाहरण के तौर पर NSIL (NewSpace India Ltd.) के साथ MoU जैसी साझेदारियाँ।
एक्सपेंशन और कांट्रैक्ट्स: उन्होंने अंतरराष्ट्रीय विस्तार और नई सुविधाओं (Bengaluru में R&D/मैन्युफैक्चरिंग) और बहु-मिलियन डॉलर के ऑर्डर्स/कॉंट्रैक्ट्स हासिल करने की सूचनाएँ प्रकाशित की हैं।
टाइमलाइन
2015: स्थापना (Rohan + Yashas)।
2016–2019: शुरुआती R&D, माइक्रोवेव/इलेक्ट्रिक थ्रस्टर पर काम; विश्वविद्यालय/इन्क्यूबेटर सहयोग।
2022: सिकिज A (प्रमुख फंडिंग) — विस्तार का पड़ाव।
2023–2024: Bengaluru में बड़े R&D/फैक्ट्री योजनाएँ, NSIL MoU, प्रोजेक्ट-अपडेट्स और कमर्शियल डील्स।
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