फरवरी में RBI दे सकता है तोहफा सस्ती होगी लोन की ईएमआई़



रिजर्व बैंक 6 फरवरी को अपनी अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट कटौती कर सकता है। यह कटौती 0.25 प्रतिशत तक की हो सकती है। विदेशी ब्रोकरेज बैंक ऑफ अमेरिका के अर्थशास्त्रियों ने एक नोट में कहा- हमारा मानना ​​है कि मुद्रास्फीति की दरें अनुकूल रहने की वजह से आरबीआई ब्याज दरों में नरमी जारी रख सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई नीतिगत स्पेस का इस्तेमाल करते हुए रेपो रेट को घटाकर 5.25 प्रतिशत तक ला सकता है।  ब्रोकरेज का कहना है कि यदि आरबीआई दरों में कटौती करता है तो इसके साथ ही बाजार में बड़ी मात्रा में लिक्विडिटी भी डाली जा सकती है। इसके अलावा, लिक्विडिटी को लेकर कुछ लंबी अवधि की स्पष्टता भी दी जा सकती है, ताकि ब्याज दरों में कटौती का लाभ वास्तविक अर्थव्यवस्था तक पहुंच सके।

आरबीआई सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा

आरबीआई ने कहा कि वह बैंकों में नकदी डालने के लिए एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदेगा और 10 अरब डॉलर की डॉलर-रुपया अदला-बदली नीलामी आयोजित करेगा। आरबीआई ने कहा कि वह 29 जनवरी और पांच फरवरी को दो किस्तों (प्रत्येक 50,000 करोड़ रुपये) में कुल 1,00,000 करोड़ रुपये की केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों की ओएमओ (खुले बाजार का परिचालन) खरीद नीलामी आयोजित करेगा। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने घोषणा की थी कि ये नीलामी पांच फरवरी और 12 फरवरी को आयोजित की जाएगी।

एक दूसरे बयान में केंद्रीय बैंक ने कहा कि वह चार फरवरी को तीन साल की अवधि के लिए 10 अरब डॉलर की 'अमेरिकी डॉलर-रुपया खरीद/बिक्री' स्वैप नीलामी आयोजित करेगा। यह स्वैप रिजर्व बैंक की ओर से एक साधारण विदेशी मुद्रा खरीद/बिक्री के रूप में होगा। इसके तहत, एक बैंक रिजर्व बैंक को अमेरिकी डॉलर बेचेगा और साथ ही स्वैप अवधि के अंत में उतनी ही राशि के अमेरिकी डॉलर वापस खरीदने के लिए सहमत होगा।



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