Success Story of Pratilipi – भारत का Storytelling प्लेटफॉर्म

 


 एक प्रेरणादायक स्टार्टअप सफलता कहानी —  founder journey और funding details-

Pratilipi – भारत का Storytelling प्लेटफॉर्म

एक ऐसा प्लेटफॉर्म जिससे लेखन और पढ़ना आसान और सस्ता हुआ, और जिससे आज दसियों लाख लेखक-पाठक जुड़े हैं।

कंपनी का नाम: Pratilipi

 Headquarters: Bengaluru, Karnataka, India

 स्थापना वर्ष: 2014

 Founders:

Ranjeet Pratap Singh

Prashant Gupta

Rahul Ranjan

Sahradayi Modi

Sankaranarayanan Devarajan 


 Founder की Journey

Pratilipi की शुरुआत उन पाँच दोस्तों ने की जिनका लक्ष्य था भारतीय भाषाओं में कहानियाँ और कंटेंट लोगों तक पहुँचना।

शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर खुद-के पैसे से चलाया गया—कोई बड़ी फंडिंग नहीं थी।

धीरे-धीरे Platfrom का उपयोग बढ़ा और लोगों ने इसमें कंटेंट लिखना और पढ़ना शुरू किया।

कंपनी ने खुद-का Content Ecosystem बनाया जहाँ लेखक अपनी रचनाएँ प्रकाशित कर सकते हैं। 


Funding / फंडिंग इतिहास

Pratilipi ने शुरुआती दौर से अब तक कई funding राउंड्स में पैसा जुटाया:

चरण

Amount / राशि

मुख्य निवेशक

Seed fund

₹30 लाख (2015)

TLabs (Times Internet Accelerator)

Pre-Series A

~$1 Million (2016)

Nexus Venture Partners

Series A

~$4.3 Million (2018)

Led by Omidyar Network

Series C

₹76 करोड़ (2020)

Tencent, अन्य निवेशक

Series D

$48 Million (2021)

Krafton Inc., Omidyar & others

 ध्यान दें: शुरुआती टीम ने शुरुआत में स्वयं-फंडिंग से मंच को खड़ा किया, फिर एनजेल और वेंचर कैपिटल से बड़ा निवेश मिला। 


 क्या हासिल किया?

✅ Pratilipi अब 20+ मिलियन (2 करोड़) उपयोगकर्ताओं वाला बड़ा storytelling प्लेटफॉर्म है।

✅ इसके ज़रिए लेखक अपनी रचनाएँ हिंदी समेत 12+ भाषाओं में प्रकाशित कर रहे हैं।

✅ ऑडियो, कॉमिक्स, पॉडकास्ट, और वेब सीरीज़ जैसे नए कंटेंट फॉर्म भी जोड़े गए हैं।

✅ कई बड़े निवेशकों ने इस स्टार्टअप में विश्वास जताया है। 


📌 सीख (Takeaway)

👉 एक छोटा आइडिया + सही लक्ष्य + लगातार मेहनत + सही फंडिंग समय पर मिलना — यही वह formula है जो Pratilipi जैसे स्टार्टअप को सफल बनाता है। 

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